हुकुम करो तो धणी आवां थारे देवरा भजन लिरिक्स

हुकुम करो तो धणी आवां थारे देवरा
नीत उठ बगड़ बुहारां वो महाराज
दुनिया में देव वो द्वारका रा राजा
आज रामा नीलो नीलो घोड़ो
ऊपर सोहन साटक्यां
भळ भळ भालो हाथ लियो जी
आप चढ़ो न पकड़ पागड़ा
होज्यो रे सवार हरजी पकड़ पागड़ा
धिन हो मेणादे थांकी माई वो महाराज
आप कंवर बिरम दे जैसा भाई वो महाराज
आज रामा खीर खांड वाला अमृत भोजन
सोना वाला थाळ परुषां वो महाराज
आप जीमो न हरजी झारी भर लावे वो
देवरा में जोत सवाई वो महाराज
दुनिया में देव हो थे द्वारका रा राजा
आज धणी के हिंगलू पाया को ढालां ढोलिया
रेशम बाण तणायी वो महाराज
आप कंवर बिरम दे जैसा भाई वो महाराज
आप पोढ़ो न महाराज हरजी ढोले बायरा
आज रामा हरि का शरणा में भाटी हरजी बोल्या
पाना वाला वंश बढ़ायी वो महाराज
हुकुम करो तो धणी आवां थारे देवरा
नीत उठ बगड़ बुहारां वो महाराज
दुनिया में देव वो द्वारका रा राजा