हिंदी भजन एवं गीतों के लिरिक्स : भजन साधना

मंद मंद मुस्कनिया तोरी, नैनों से बांधे प्रीत की डोरी लिरिक्स
मंद मंद मुस्कनिया तोरी, नैनों से बांधे लिरिक्स मंद मंद मुस्कनिया तोरी, नैनों से बांधे प्रीत की डोरी, रुप सुहाना ऐसे लागे, हाथ में तेरे बंसी साजे, घुंघरालु तेरे लाल, मेरे बांके बिहारी लाल, तुम इतना ना करियो श्रृंगार, नजर लग जायेगी… नंद के लाला मेरे है गोपाला, खोले है ये सबके किस्मत का ताला, तुझमें बसती है मेरी जान, तुम इतना ना करियो श्रृंगार, मेरे बांके बिहारी लाल, तुम इतना ना करियो श्रृंगार, नजर लग जायेगी… तोरे बिना मोरा मन ना लागे, दे दो दर्श मेरी तरसी है आंखें, कभी आवो न मेरे द्वार, मेरे बांके बिहारी लाल, तुम इतना ना करियो श्रृंगार, नजर लग जायेगी…

तू हारे का सहारा खाटू श्याम जी भजन लिरिक्स
तू हारे का सहारा खाटू श्याम जी भजन लिरिक्स तू हारे का सहारा है मेरे सांवरे,हारे का सहारा है,श्याम बाबा मेरे श्याम बाबा,तू हारे का सहारा है मेरे सांवरे,मैं किस्मत से हारा हूं मेरे सांवरे,मैं भी आ गया हूं खाटू धाम रे,दिल से तुझको पुकारे मेरे सांवरे,दुःख के भंवर में उलझी मेरी नाव रे,तू हारे का सहारा है मेरे सांवरे। हारे का सहारा है,श्याम बाबा मेरे श्याम बाबा,शीश के दानी खाटू वाले,श्याम बाबा मेरे श्याम बाबा,हारे का सहारा है,श्याम बाबा मेरे श्याम बाबा। शीश के दानी तेरी कहानी,सुन के चला आया हूं मैं,मेरी आंखों में है पानी,और न कुछ लाया हूं मैं,हाथ पकड़ ले श्याम मेरा भी,बिगड़ी बात बना दे,मेरे दुःखों पे तीन बाणधारी,एक बाण चला दे,मिट जाये ये दुःख सारा मेरे सांवरे,मैं किस्मत का मारा हूं मेरे सांवरे,तू हारे का सहारा है मेरे सांवरे,मैं किस्मत से हारा हूं मेरे सांवरे। हारे का सहारा है,श्याम बाबा मेरे श्याम बाबा,शीश के

दौड़े दौड़े आये कृष्णा, जब सुना सुदामा आया है लिरिक्स
दौड़े दौड़े आये कृष्णा, जब सुना सुदामा भजन लिरिक्स दौड़े दौड़े आये कृष्णा,जब सुना सुदामा आया है,मेरा यार सुदामा आया है…. मुरली है कहीं और मुकुट कहीं,तन मन सुध बुध बिसराया है,हृदय से लगाकर सुदामा को,प्रभु लिपट लिपट के रोये है,दौड़े दौड़े आये कृष्णा,जब सुना सुदामा आया है…. जिनसे धीरज पाती दुनिया,वो धीरज अपना खोये है,तन मन है विकल नैनों में है जल,और देखो गला भर आया है,दौड़े दौड़े आये कृष्णा,जब सुना सुदामा आया है…. बड़भागी कौन ये आया है,अचरज में खड़े सब सोच रहे है,मिट्टी और धूल जो तन पे लगी,प्रभु पीताम्बर से पोंछ रहे है,बड़े प्रेम से माधव ने उनको,सिंहासन पे बैठाया है,दौड़े दौड़े आये कृष्णा,जब सुना सुदामा आया है…. ये राजपाट ये धन वैभव,मानो सब इसका ही है दिया,कर सकता कोई और नहीं,जो काम सुदामा ने है किया,मेरे भाग्य के दुःख और निर्धनता,ये अपने नाम लिखवाया है,दौड़े दौड़े आये कृष्णा,जब सुना सुदामा आया है….