जय हो गणपति देवा, भोग लगाऊं लडुअन का भजन लिरिक्स

जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
भोग लगाऊं लड वन का और करूं तेरी सेवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
तुम सा ना कोई दानी देवा, तेरा ना कोई सानी
तुम सा ना कोई दानी देवा, तेरा ना कोई सानी
तेरे आगे सब है झुकते राजा रंग अभिमानी
राजा रंग अभिमानी
जो भी तेरी शरण में आए
जो भी तेरी शरण में आए
पाता सब कुछ देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
दुनिया तेरे इशारे चलती, चलता हर एक जर्र
चलता हर एक जर्र
तुमसे ही दिन रात है होते, होता तुमसे सवेरा
तुमसे सवेरा
दसों दिशाएं घूमे
तुमसे हो दसों दिशाए घूमे
तुमसे और चले है ये हवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा
जय हो गणपति देवा मंगल मूर्ति देवा