मनवा माला जपो रे हरि नाम की रे, प्रभु नाम भजन लिरिक्स

मनवा माला जपो हरी नाम की भजन, अनिल नागौरी द्वारा गाया गया, जिसमें भगवान के नाम के जाप की महिमा और शांति की प्राप्ति की बात की जाती है।

मनवा माला जपो रे हरि नाम की रे,
मनवा माला जपो हरि नाम की रे,
नाम की रे, प्रभु नाम की रे,
माला जपो रे हरि नाम की रे।

हाथ ना दूख थारा, पाव ना दुखे,
जिबिया ना दुखे, थारे काम की रे,
जिबिया ना दुखे, थारे काम की रे,
पा जपो रे हरि नाम की रे,
मनवा माला जपो रे हरि नाम की रे।

रुपिया ना चावे, थारे पैसा ना चावे,
रुपिया ना चावे, थारे पैसा ना चावे,
कोड़ी ना चावे, अच्छे दाम की रे,
कोड़ी ना चावे, अच्छे दाम की रे,
पा जपो रे हरि नाम की रे,
मनवा माला जपो रे हरि नाम की रे।

गाड़ी ना चावे, थारे बेल ना चावे,
गाड़ी ना चावे, थारे बेल ना चावे,
आतो खेती है निज नाम की रे,
पा जपो रे हरि नाम की रे।

कहत कबीर सुनो भाई साधो,
कहत कबीर सुनो रे भाई साधो,
आही है किस काम की रे,
पा जपो रे हरि नाम की रे।

माला जपो रे हरि नाम की रे,
मनवा माला जपो रे हरि नाम की रे।

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